आज दिल करे इस चाँद को धरती पर खिंच लाऊ,
इसकी चांदनी को ओड़ कर मीठी सी नींद सो जाऊ,
इन चमकते सितारों को आज अपने सपनो मे सजाऊ,
इन ठंडी हवा के झोको के संग बस बहता ही जाऊ,
इस रात के अंधेरो को चीर कर रौशनी की किरण लाऊ,
इस खुले साफ असमान मे आज बस मैं उड़ता ही जाऊ,
यु रात भर देखे सपनो को ही बस अपनी मंजिल बनाऊ,
फिर सुबह उठ कर सूरज की तरह सदा चमकते ही जाऊ,
आज दिल करे बस इन सारे ख़्वाबो को एक बार पूरा कर पाऊ,
और इस जिंदगी को खुशियों और सुकून के साथ जी पाऊ...

