जन्म देती हो तुम जिंदगी को माँ बन के इस दुनिया मे,
माँ सी ममता और भावुकता नहीं किसी के अन्दर इस दुनिया मे,
माँ सा दुलार और एक दोस्त सा प्यार देती हो बहन के रूप मे,
करके शरारते और झगडे तुम फिर हो जाती भावुक पल भर मे,
जब दोस्ती का रिश्ता बनता है तुमसे, जीना अच्छा लगता है हमको,
लगती तुम लडकियों के बिन जैसे सारी दुनिया खाली सी सबको,
छोड़ के तुम जब अपना घर हमें और हमारे परिवार को अपनाती हो,
देती मिसाल फिर से बलिदान और संघर्ष की जब दुसरे घर आती हो,
जीवन मे आती जब तुम पत्नी बन के ये जीवन पूरा सा हो जाये,
प्यार दुलार और माँ सा ख्याल सब कुछ इस एक रिश्ते मे मिल जाये,
इस दुनिया मे है जितना प्यार और सुन्दरता वो सब है तुम्हारे ही दम से,
होगी सुरक्षा और सम्मान हर एक नारी का बस हमारे ही संकल्प से,
करना होगा ये प्रण हम सबको न हो कोई बलात्कार और न कोई भ्रूण हत्या हो,
हर नारी को अपने अधिकार मिले और हर जगह हर रिश्ते मे इनका सम्मान हो।
~कमलेश
