जब करता हूँ तुझसे बाते,
न जाने कैसे ये वक़्त निकल जाता हैं,
जब थाम लू तेरा हाथ,
हर मुश्किल का हल नजर आता है,
तेरे लावो की हंसी को देख ,
मैं अपने सारे गमो को भूल जाता हूँ
जब लगता तुझसे गले एक बार,
जैसे इस धरती पर जन्नत को पाता हूँ,
जब भी होता मैं साथ तेरे,
जैसे मैं खुद को पूरा होता पाता हूँ...