Tuesday, January 10, 2012

वो हसीं बीते दिन...

दुनिया वालो की नजरो से बच कर,
वो तेरा मिलना छुप छुप कर,
फिर घंटो मेरे साथ बेठ कर,
दुनिया भर की बातो को करना,

देखना तेरा प्यार भरी नजरो से,
खेलना मेरा तेरी रेशमी जुल्फों से,
सोना मेरा तेरी गोद मे सर रख कर,
सहलाना फिर तेरा मेरे बालो को,

वो छोटी छोटी बातो पर लड़ना,
फिर खुद ही आखों  का भरना,
मेरे सिने पर सर रख कर,
जोर जोर से सिश्किया भरना,

एक बार गले जब तू लगती थी,
मेरे लवों पर लवों को रखती थी,
अपनी बाहों मे मुझको भरती थी,
जैसे धरती पर जन्नत पा ली थी.

शर्मना वो तेरा  मुझ से,
मुश्काना तेरा हलके से,
झुकाना फिर तेरा नजरो को,
सवारना तेरा अपनी जुल्फों को,

हमे पता न चलता था,
की कब वक़्त निकलता था,
और फिर आखिर मे जाते जाते,
न जाने क्यों दिल मचलता था,

कितने हसीं था जीवन का वो सफ़र,
जो हर पल तेरे साथ जिया मैंने,
तेरा हाथ जब होता था हाथ मेरे,
लगता थे की दुनिया को पा लिया मैंने,

लगता था बस तुझे नहीं पाया,
धरती पर खुदा को है पा लिया,
तेरी हर एक खुशी के लिए,
खुदा के दर पर सजदा किया,

कितना खुश मे रहता था,
जब तू मेरे संग रहती थी,
फिर लोटा दे वो मेरे बीते दिन,
जब खुशिया होती थी हर दिन...

3 comments:

  1. ky baat h dear not bad....ur initail is tooo gud dat nt b expalned in wds..... carry on ...hmne to rasta dikaya tum to age bad chale....

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  2. Thanks dear for the appreciation i'll try to keep posting and hope to see ur comments ;)

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